जैसा की हमारे ब्लॉग का नाम है वैसा ही कुछ ज़ाहिर करना चाहेंगे हम।
जन्म से लेके अभी तक जितनी भी घटनाये और दुर्घटनाये हमारे साथ घथित हुयी है वो कुछ और मोड़ लेके हमे किसी और मुकाम, रस्ते पे ले जा सकती थी। हमने येही महसूस किया है की हमारे लिए हुए फैसले और चुनी हुयी रहे कही न कहीं से किसी और driving force (अनिश्चितता) से जरूर प्रभावित हुयी है।
हम मैथस और साइंस न पढ़े होते तो शायद किसी साहित्य सेवा में होते या फिर किसी विश्वविधालय में देश के भावी कर्णधारो के भविष्य के साथ खेल रहे होते। या फिर खेती किसानी भी कर सकते थे आखिर हमारे खानदानी जीविका उपार्जन के श्रोत प्रति हमारा भी कुछ फर्ज बनता है।
जन्म से लेके अभी तक जितनी भी घटनाये और दुर्घटनाये हमारे साथ घथित हुयी है वो कुछ और मोड़ लेके हमे किसी और मुकाम, रस्ते पे ले जा सकती थी। हमने येही महसूस किया है की हमारे लिए हुए फैसले और चुनी हुयी रहे कही न कहीं से किसी और driving force (अनिश्चितता) से जरूर प्रभावित हुयी है।
हम मैथस और साइंस न पढ़े होते तो शायद किसी साहित्य सेवा में होते या फिर किसी विश्वविधालय में देश के भावी कर्णधारो के भविष्य के साथ खेल रहे होते। या फिर खेती किसानी भी कर सकते थे आखिर हमारे खानदानी जीविका उपार्जन के श्रोत प्रति हमारा भी कुछ फर्ज बनता है।
किसी और घर में जन्म लिया होता तो
किसी और शहर में जन्म लिया होता तो
किसी और परिवार में जन्म लिया होता तो
कुछ हमे फैसलों ने बनाया, हमारे या हमारे लिए हुए
कुछ कर्म , कुछ परिस्थितिया और कुछ नसीब
कुछ दोस्त और कुछ दुश्मन न होते तो हम कहाँ होते
कुछ मोह और कुछ वैरग्य न होता तो कहाँ होते
कुछ प्रेम और कुछ ईर्ष्या नहीं होती तो हम कहाँ होते
कितने सारे निर्णय जो कुछ और लिए होते तो हम कहाँ होते
लेकिन विधि को कुछ और ही मंजूर था, MNC में काम करते है और ये सोचते है की हम कहाँ कहाँ हो सकते थे, है या होंगे
बाकी आगये अंक में ....